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Monday, 20 December 2021

भारत के महान् शहीद नेताओं

 

भारत के महान् शहीद,फाॅसी की सजा gktoday

 

शहीद मास्टर अमीर चंद्र 1898 मई 1915

दिल्ली सर यंत्र केस के प्रमुख क्रांतिकारी  अमीर चंद को फरवरी 1914 वायसराय लॉर्ड हार्डिंग का वध करने के आरोप में बंदी बनाया गया तथा 8 मई 1915 को वे अपने 3 साथी देशभक्तों अवध बिहारी लाल बालमुकुंद और बसंत कुमार के साथ फांसी के तख्ते पर चढ़कर शहीद हो गया। अवध बिहारी अट्ठारह सौ नवासी 8 मई 1915 दिल्ली संयंत्र के समान लाहौर बम कांड के 2 सालों में फरवरी 1914 में बंदी बनाए गए तथा 8 मई 1915 को फांसी पर चढ़कर सहित हो गए। अवध बिहारी 2889 8 मई 1915 दिल्ली सदन से के संबंध लाहौर बम कांड के दोषी आरोप में फरवरी 1914 में बंदी बनाया गया तथा आठ में उन्हें से 15 को फांसी पर चढ़कर शहीद हो गया।

 

अशफाक उल्ला खान 1918 दिसंबर 1927

मात्री वेद संस्थापक नामक क्रांतिकारी संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता अशफाक उल्ला खान को ने अगस्त 1925 में गठित काकोरी काकोरी डकैती केस काकोरी कांड के आरोप में बंदी बनाया गया था तथा 18 दिसंबर 1927 को फांसी पर चढ़ा दिया गया ।

 

चंद्रशेखर आजाद 1986 27 फरवरी 1931

14 वर्ष की अल्पायु में असहयोग आंदोलन में गिरफ्तार किए गए । उन्होंने अपना नाम आजाद बताया तथा पिता का नाम स्वाधीन और अपना पता जेल बताकर क्रांतिकारियों का मार्गदर्शन करने का श्रेय अर्जित किया। काकोरी डकैती के मुख्य अभियुक्त करार दिए जाने पर ₹30000 का पुरस्कार घोषित किया। कमांडर के रूप में तथा लाला लाजपत राय की मृत्यु का बदला लेने के लिए पुलिस अधीक्षक की हत्या करने की योजना भगत सिंह राजगुरु के साथ मिलकर आ गया था। पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए हैं। वह आजाद नाम के तो थे ही जीवन प्रयत्न भी आजाद रहे अंग्रेज पुलिस उन्हें जीवित वर्दी नही बना सकी।

 

उधम सिंह 28 दिसंबर 1899 से 31 जुलाई 1940 से 13 अप्रैल 1919 gktoday

जालियावाला बाग हत्याकांड के फलस्वरुप देशवासियों पर हुए क्रूरता पूर्वक कुर्ता पूर्ण गोलीकांड में हुई हत्याओं ने उद्यम सिंह के दिल में प्रतिशोध की भावना भर का दी। उन्होंने लंदन में एक इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर 13 मार्च 1940 को सर माइकल ओ डायर जो जालियांवाला बाग की घटना घटित होने के समय पंजाब का गवर्नर था। लंदन में उसको गोली का शिकार बनाकर उसकी प्रतिज्ञा पूर्ण की। इसके फलस्वरूप 31 जुलाई 1940 को फांसी पर चढ़कर अमर हो गए। gktoday

अनंत कण्हेरे 9891 से 19 अप्रैल 1910

ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राजनीति कार्यकलापों में भाग लिया तथा अभिनव भारत नामक क्रांतिकारी संगठन में सक्रिय योगदान करना सीखे।जैकसन हत्याकांड के प्रमुख अभियुक्त होने के कारण 19 अप्रैल 1910 में फांसी के तख्ते पर चढ़कर शहीद हो गए। उन्होंने जंक्शन की हत्या दिसंबर 1960 में विनायक सावरकर को कठोर सजा दिए जाने के फलस्वरूप की थी। जिसमें नारायण देशपांडे और कृष्णा जी कर बेबी ने भी सहयोग प्रदान किया था।

हेमकलानी

उन्हें तो 24 से 21 जनवरी 1943 भारत की स्वतंत्रता के लिए जीवन प्रयत्न संघर्षरत रहे तथा स्वराज सेना में प्रमुख भूमिका अदा की। ब्रिटिश सैनिक गाड़ी से उल्टाने के लिए 28 अक्टूबर 1942 की रात में रेल की पटरिया हटाते हुए गिरफ्तार हुए तथा 21 जनवरी 1943 को फांसी के तख्ते पर चढ़कर शहीद हो गए हैं।

 

आशुतोष कुल्ला 1924 से 29 सितंबर 1942

विद्युत वाहिनी नाम क्रांतिकारी दल के एक साथ सक्रिय एक प्रमुख कार्यकर्ता थे। जिन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन के अंतर्गत 19 सितंबर 1942 को महिषादल थाने पर आक्रमण किया तथा पुलिस मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए। कुशाल को और उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 व भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में सक्रिय भाग लिया 9 अक्टूबर 1942 को सर्वप्रथम रेलवे स्टेशन के निकट एक ब्रिटिश सैनिक गाड़ी को पटरी से उतारने के संदेह में उन्हें गिरफ्तार किया गया तथा 16 जून 1948 को फांसी के तख्ते पर झूल कर शहीद हो गए।

दिनेश गुप्ता 1900 से 7 जुलाई 1931

दिनेश गुप्ता एक क्रांतिकारी थे जिनको रायटर्स बिल्डिंग कोलकाता में गिरफ्तार कर लिया गया था फांसी पर चढ़ा दिया गया।

निर्मल जीवन

घोष क्रांतिकारी दल के सक्रिय सदस्य मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट व पद वर्ग पर गोली चलाने के आरोप में 2 सितंबर 1933 को गिरफ्तार किए गए तथा 26 अक्टूबर 1934 को उन्हें फांसी दे दी गई।

वजीर किशोर चक्रवर्ती

सविनय अवज्ञा आंदोलन में मारा गया तथा मिदनापुर के जिला मजिस्ट्रेट ब्रिज की हत्या करने के आरोप में 26 अक्टूबर 1934 को फांसी पर चढ़ा दिए गए।

दामोदर चापेकर 869 से 18 अप्रैल 898 gktoday

दामोदर चापेकर 869 से 18 अप्रैल 898 एवं उनके भाई राजनीति कार्यकलापों में प्रमुख रूप से भाग लिया तथा अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंकने के लिए शारीरिक विकास और सैनिक शिक्षा देने की वजह से देश भक्तों नव युवकों की एक संस्था बनाई 22 जून 1897 को प्लेग कमिश्नर एंड पर हमला किया। अपने भाइयों बालकृष्ण आचार्य चापेकर वह वासुदेव चापेकर के साथ गिरफ्तार हुए तथा 18 अप्रैल 18 संस्थान में को फांसी के तख्ते पर चैट कर शहीद हो गए।

12 मई 18 से 99 को बालकृष्ण चापेकर को फांसी पर लटकाया गया तथा  बासुदेव चापेकर को भी फांसी पर लटका दिया गया। इस प्रकार तीनों भाइयों स्वतंत्रता की बलिवेदी पर चढ़कर अमर शहीद हो गए। gktoday

प्रमोद रंजन चौधरी उन्नीस सौ चार से 28 सितंबर 1928

अनुशीलन समिति नामक क्रांतिकारी संस्था के सदस्य बने तथा दक्षिणेश्वर बम कांड में 1925 में गिरफ्तार किए गए। 24 मई 1927 को डिप्टी जेलर की हत्या करने के आरोप में 28 सितंबर 1928 को फांसी पर चढ़ा दिए गए। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया था। लाहौर षड्यंत्र केस अपराधी के रूप में गिरफ्तार किए गए तथा उन्हें फांसी दे दी गई।

जीत सिंह

18 से 13 अगस्त के महाराजा टिकेंद्रजीत सिंह 18 सो 58 से 13 अगस्त 1919 मणिपुर के महाराजा का अंग्रेजों द्वारा तख्ता पलटने की योजना के विरूद्ध टिकेंद्रजीत सिंह ने 18 सेकेंड में में बहादुरी से अपनी सेना का नेतृत्व किया तथा ब्रिटिश सरकार द्वारा उन्हें बंदी बनाया गया। 13 अगस्त 1919 को फांसी पर चढ़कर राष्ट्र के लिए शहीद हो गए।

 

मदन लाल धींगरा 1996

लंदन में इंजीनियरिंग की शिक्षा प्राप्त करते भी अपने देशवासियों पर अंग्रेजों द्वारा किए गए जुल्मों सितम से प्रतिशोध की भावना भड़क उठी। उन्होंने कर्नल विलियम कर्जन वायली की हत्या कर दी। जिसके कारण उन्हें 17 अगस्त 1909 को फांसी पर चढ़ा दिया गया।

 

धीरेंद्र नाथ दास गुप्ता 496 से 915 gktoday

क्रांतिकारी दल के सदस्यों ने 13 में फरीदपुर षड्यंत्र कांड में शामिल होने के कारण जेल होने पर उन्हें कोलकाता के एक अफसर को गोली का निशाना बनाया। उड़ीसा के ओडिशा के तट पर एक जर्मन जलयान मावेरिक से शास्त्र एवं गोला बारूद उतारने की योजना में भाग लिया तथा बालासोर में एक पुलिस मुठभेड़ में लिखे गिरफ्तार हो गए।अक्टूबर 1915 में उन्हें फांसी के तख्ते पर लटका दिया गया मल्लप्पा धनशेट्टी 18 स्थान में से 12 जनवरी 1931 एक प्रमुख एवं सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता 1930 में सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया तथा 8 मई 1930 को महात्मा गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अनियंत्रित हो गए तो भीड़ ने पुलिस सिपाही को मार डाला तथा अन्य को जिंदा जला दिया इन आरोपों में गिरफ्तार होने पर इन्हें फांसी की सजा दी गई। gktoday

 

टी0पी0 कुमारन नायर 1930 से 7 जुलाई 1944

पुलिस में जमीदार के पद पर कार्यरत थे । परंतु भगत सिंह तथा अन्य क्रांतिकारियों को फसा दिए जाने पर नौकरी से त्यागपत्र दे दिया तथा स्वतंत्र आंदोलन में सक्रिय भाग लेना प्रारंभ किया। आजाद हिंद फौज में भर्ती हुए तथा भारतीय सीमा पर इंफाल में गिरफ्तार किए गए। 7 जुलाई 1944 को उन्हें फांसी दे दी गई

सोहनलाल पाठक 1883 से 10 फरवरी 1916

क्रांतिकारी संगठन के सक्रिय कार्यकर्ता जिन्होंने स्वदेशी था अन्य देशों में भारत की आजादी का बिगुल बजाया। अगस्त 1915 में वर्मा गिरफ्तार हुए तथा 10 फरवरी 1916 को फांसी पर चढ़कर शहीद हो गए। गणेश पिंगले 1888 से संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग गिरफ्तार कर लिए गए । 17 नवंबर 1915 को फांसी पर चढ़कर शहीद हो गया ।

बलवंत बासुदेव ठाकरे 1845 से 17 फरवरी 1883

मुंबई प्रेसिडेंसी में रामोशी जनजाति के लोगों की एक सशस्त्र सेना बनाकर ब्रिटिश सरकार का विरोध करने के कारण 3 जुलाई 1889 को गिरफ्तार हुए तथा बंदी होकर काले पानी की सजा में ऑलवेज भेजे गए जहां उन्होंने आमरण अनशन करके 17 फरवरी 1883 को प्राण त्याग दिए।

खुदीराम बोस 1889 से 11 अगस्त उन्नीस सौ आठ

क्रांतिकारी दल के सदस्य ने विरोध में आंदोलन किया गया। उन्हें नारायणगढ़ स्टेशन के पास बंगाल के राज्यपाल की विशेष रेल की गाड़ी रेलवे स्टेशन गिरफ्तार हुए 11 अगस्त 1960 को फांसी के तख्ते पर झूलते हुए शहीद हो गए।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1897 से 18 अगस्त 1945 gktoday

 

नेताजी एक क्रांतिकारी थे ।जिन्होंने भारतीय सिविल सेवा को ठोकर मार कर उनमें से कई में प्रिंस आफ वेल्स का बहिष्कार आंदोलन सफल बनाया ।1929 में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष चुने गए 1930 में कोलकाता के महापौर तथा 1938 के कांग्रेस के प्रकांड में अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए । 1939 में फारवर्ड ब्लाक बनाया तथा 1941 में लापता हो गए। मुझे 30 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में आजाद भारत आजाद भारत अस्थाई सरकार की स्थापना की घोषणा की ।31 दिसंबर 1943 को जापानी सेना की सहायता से अंडमान एवं निकोबार दीप समूह पर अधिकार कर लिया। उसने भारतीय सीमा में प्रवेश किया नेताजी की मृत्यु 18 अगस्त वायुयान दुर्घटना में हुई बताई जाती है। gktoday

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